Tagged: Story

0

दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं वक्त सिकन्दर होता है

सिकन्दर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!🦍 दुनियाँ भर को जीतने के जो उसने आयोजन किए, वह अमृत की तलाश के लिए ही थे ! काफी...

पुरुष का श्रृंगार 0

पुरुष का श्रृंगार

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयम प्रकृति ने किया है.. स्त्रीया कांच का टुकड़ा है.. जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती है.. किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और...

Rab Razi To Sab Razi 1

वाह रे बनिये वा

  एक बनिया व्यापारी मुबंई की बैँक मेँ गया, और बैँक मेनेजर से रु.50,000 का लोन मांगा. बैँक मेनेजर ने गेरेँटर मांगा. बनिया अपनी BMW कार जो बैँक के सामने पार्क की हुई थी...