जाने कभी गुलाब लगती हे, जाने कभी शबाब लगती हे

जाने कभी गुलाब लगती हे जाने कभी शबाब लगती हे तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हे में पिए रहु या न पिए रहु, लड़खड़ाकर ही चलता हु क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हे

Tourism is the next big thing

Tourism is the next big thing. All countries are trying to attract more tourists. See the taglines. Thailand: Amazing Thailand India: Incredible India Malaysia: Truly Asia Australia: There’s nothing like Australia Question: Have you ever wondered what the Pakistan’s tourism…

इंडिया में जितने ज्यादा ” रेल्वे फाटक “है

इंडिया में जितने ज्यादा ” रेल्वे फाटक “है…. . . . . . . . . . . उससे ज्यादा तो “बीवियों ” के नाटक हैं…! Wah wah..

दोस्ती जब किसी से की जाये

दोस्ती जब किसी से की जाये तो दुश्मनों की भी राय ली जाये; मौत का ज़हर है फिज़ाओं में अब कहाँ जा कर सांस ली जाये; बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ कि ये नदी कैसे पार की जाये;…

आज भी सूना पड़ा है हर एक मंज़र

आज भी सूना पड़ा है हर एक मंज़र; तेरे जाने से सब कुछ वीरान लगता है; उस रास्ते पे आज भी हम तेरी राह देखते हैं; जहाँ से तेरा लौट आना आसान लगता है।

दोस्त बनकर भी नहीं…

दोस्त बनकर भी नहीं साथ निभाने वाला; वो ही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला; क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे उससे; वो जो इक शख़्स है मुँह फेर के जाने वाला; क्या ख़बर थी जो मेरी जाँ में घुला…

ऐ चाँद तू किस मजहब का है !! ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा!

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर… क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। चाहता तो हु की ये दुनिया बदल दू पर दो…

Rab Razi To Sab Razi

वाह रे बनिये वा

  एक बनिया व्यापारी मुबंई की बैँक मेँ गया, और बैँक मेनेजर से रु.50,000 का लोन मांगा. बैँक मेनेजर ने गेरेँटर मांगा. बनिया अपनी BMW कार जो बैँक के सामने पार्क की हुई थी उसको गेरेँटी के तरीके से जमा…