Tagged: hindi story

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दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं वक्त सिकन्दर होता है

सिकन्दर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!🦍 दुनियाँ भर को जीतने के जो उसने आयोजन किए, वह अमृत की तलाश के लिए ही थे ! काफी...

पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया" ? 0

पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया” ?

बिटिया बड़ी हो गयी, एक रोज उसने बड़े सहज भाव में अपने पिता से पूछा – “पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया” ? पिता ने कहा -“हाँ ” उसने बड़े आश्चर्य से पूछा –...

पुरुष का श्रृंगार 0

पुरुष का श्रृंगार

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयम प्रकृति ने किया है.. स्त्रीया कांच का टुकड़ा है.. जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती है.. किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और...