दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं वक्त सिकन्दर होता है

सिकन्दर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!? दुनियाँ भर को जीतने के जो उसने आयोजन किए, वह अमृत की तलाश के लिए ही थे ! काफी दिनों तक देश दुनियाँ में भटकने…

पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया" ?

पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया” ?

बिटिया बड़ी हो गयी, एक रोज उसने बड़े सहज भाव में अपने पिता से पूछा – “पापा, क्या मैंने आपको कभी रुलाया” ? पिता ने कहा -“हाँ ” उसने बड़े आश्चर्य से पूछा – “कब” ? पिता ने बताया –…

Conversation with God

एक बार एक अजनबी किसी के घर गया। वह अंदर गया और मेहमान कक्ष मे बैठ गया। वह खाली हाथ आया था तो उसने सोचा कि कुछ उपहार देना अच्छा रहेगा। तो उसने वहा टंगी एक पेन्टिंग उतारी और जब…

यह काम परमात्मा का हे, परमात्मा जाने

शहर में एक वैधजी हुआ करते थे, जिनका मकान एक पुरानी सी इमारत में था। वैधजी रोज सुबह दुकान जाने से पहले पत्नी को कहते कि जो कुछ आज के दिन के लिए तुम्हें आवश्यकता है एक चिठ्ठी में लिख…

पुरुष का श्रृंगार

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयम प्रकृति ने किया है.. स्त्रीया कांच का टुकड़ा है.. जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती है.. किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं…

हृदय परिवर्तन

⭕ हृदय परिवर्तन ⭕ ~~~~~~ ♦ एक राजा को राज भोगते काफी समय हो गया था। बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं को भी…

यदि आपको कभी एक बाउल, एक तांत्रिक और एक योगी से मिलने का अवसर मिले तो आप किसके साथ चाय पीना पसंद करेंगे?

ओशो: यह बहुत जटिल प्रश्न है। उत्तर देना आसान नहीं है, लेकिन फिर भी मैं प्रयास करूंगा। मैं योगी से कहूंगा कि वह एक प्याला चाय तैयार करे, क्योंकि ये लोग बहुत शुचिता और शुद्धता से रहते हैं। और मैं…

A Discussion Between Body And Soul

:-सुबह के 4 बजे:- “आत्मा” — चलो उठो साधना का समय हो गया है ! उठो ना ! उठो ना ! उठो ना ! “शरीर” — सोने दो न ! क्यों तंग कर रही हो ? ??? पता नहीं क्या…