mirror

दर्पण

दर्पण– दर्पण कांच की संरचना तक सीमित नहीं हैं।मन के लिए संसार की संरचना की दर्पण है।।मन का अपना प्रतिबिंब ही संसार में झलकता है।फूलों के लिए सारा जगत फूल है और कांटों के लिए काटा।मन के अनुरूप ही संसार…

prem ki vivashta

प्रेम की विवशता

प्रेम की विवशता मेरी बहन मृत्युशय्या पर है। मुझे जब भी किसी चीज़ की आवश्यकता हुइ, उसने पूरी की; लेकिन आज जब उसे मेरी आवश्यकता है तो मैं पूर्ण रूप से लाचार हूं। जब भी तुम किसी को प्रेम करते…

tulna

Comparison

तुलना तुलना रुग्णता है, बहुत बड़ी रुग्णता है। प्रारंभ से ही हमें तुलना करना सिखाया जाता है। तुम्हारी मां तुम्हारी तुलना दूसरे बच्चों से करने लगती है। तुम्हारे पिता तुलना करते हैं। शिक्षक कहते हैं, “गोपाल को देखो, वह कितना…

aaj ka gyan

चरित्रहीन स्त्री

‘चरित्रहीन’ स्त्री स्त्री तबतक ‘चरित्रहीन’ नहीं हो सकती जबतक कि पुरुष चरित्रहीन न हो। संन्यास लेने के बाद गौतमबुद्ध ने अनेक क्षेत्रों की यात्रा की। एक बार वे एक गांव गए। वहां एक स्त्री उनके पास आई और बोली आप…

bada he sundar jawab

बड़ा ही सुन्दर जवाब

एक बालक रोजाना स्कूल में खाना खाते वक्त टिफिन पूरी पोंछ कर खाता….. एक कण भी न बचाता । उसके दोस्त उसका मज़ाक उडाते। एक ने पुछा,” तुम रोजाना टिफिन में एक कण भी नही छोड़ते? ” उसका बड़ा ही…

इस पृथ्वी को स्वर्ग बनाओ। स्वर्ग कहीं और है और नरक तुमने यहां बना लिया

इस पृथ्वी को स्वर्ग बनाओ। स्वर्ग कहीं और है और नरक तुमने यहां बना लिया

“इस पृथ्वी को स्वर्ग बनाओ। स्वर्ग कहीं और है और नरक तुमने यहां बना लिया” “बहुत हो चुकीं स्वर्ग की बातें जो कहीं और है। इस पृथ्वी को स्वर्ग बनाओ।” “उतारो, परमात्मा को थोड़ा तुमसे पृथ्वी पर लाओ। सेतु बनो,…

Each day we are dreaming about our goals

Each day we are dreaming about our goals

Each day we are dreaming about our goals. Each day we are moving forward, step closer to the success. Sometimes we are so focused on our objectives that we don’t have time to think why we desire success. What is…