Category: Hindi Story

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यह काम परमात्मा का हे, परमात्मा जाने

शहर में एक वैधजी हुआ करते थे, जिनका मकान एक पुरानी सी इमारत में था। वैधजी रोज सुबह दुकान जाने से पहले पत्नी को कहते कि जो कुछ आज के दिन के लिए तुम्हें...

पुरुष का श्रृंगार 0

पुरुष का श्रृंगार

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयम प्रकृति ने किया है.. स्त्रीया कांच का टुकड़ा है.. जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती है.. किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और...

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हृदय परिवर्तन

⭕ हृदय परिवर्तन ⭕ ~~~~~~ ♦ एक राजा को राज भोगते काफी समय हो गया था। बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं...