I am Women

मैं स्त्री हूँ।

मैं स्त्री हूँ…सहती हूँ… तभी तो तुम कर पाते हो गर्व,अपने पुरुष होने पर।। मैं झुकती हूँ…… तभी तो ऊँचा उठ पाता है तुम्हारे अहंकार का आकाश।। मैं सिसकती हूँ…… तभी तो तुम मुझ पर कर पाते हो खुल कर…

ना जाने कब खो जाऐं ये पल

ना जाने कब खो जाऐं ये पल

ना जाने कब खो जाऐं ये पल ना जाने कि कब बच्चे बड़े हो जाऐं मैं झिडकती ही रह जाऊँ और वो सब कुछ झिड़क कर घर से निकल जाऐं आज झिडकती हूँ कि रखो सारा सामान तरतीब से कल…

तेजाब के हमले में घायल एक लड़की के दिल से निकलीं कुछ पंक्तियाँ

तेजाब के हमले में घायल एक लड़की के दिल से निकलीं कुछ पंक्तियाँ ———————————————————— चलो, फेंक दिया सो फेंक दिया…. अब कसूर भी बता दो मेरा तुम्हारा इजहार था मेरा इन्कार था बस इतनी सी बात पर फूंक दिया तुमने…

इश्क़ दर्द है

सबने कहा इश्क़ दर्द है; हमने कहा यह दर्द भी क़बूल है; सबने कहा इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे; हमने कहा इस दर्द के साथ मरना भी क़बूल है।

आज भी सूना पड़ा है हर एक मंज़र

आज भी सूना पड़ा है हर एक मंज़र; तेरे जाने से सब कुछ वीरान लगता है; उस रास्ते पे आज भी हम तेरी राह देखते हैं; जहाँ से तेरा लौट आना आसान लगता है।

ऐ चाँद तू किस मजहब का है !! ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा!

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर… क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। चाहता तो हु की ये दुनिया बदल दू पर दो…