Category: Love Peotry

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चलो ये अश्क ही मोती समझ के बेच आये किसी तरह तो हमें रोज़गार करना है

वफ़ा में अब यह हुनर इख्तियार करना है वोह सच कहे न कहे ऐतबार करना है यह तुझ को जागते रहने का शौक कब से हुआ? मुझे तो खैर तेरा इंतजार करना है हवा...

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Yu he kabhi aatay jatay kabhi tum bh jara pucho na

तुम मुझ से रूठे हो चलो माना बस यूँ ही, एक बार, हो सके तो मुड़के देखो ना थी जो कभी अपने साजन की अलबेली कैसे भरी दुनिया में खड़ी है वो अकेली यूँ...