दोस्ती जब किसी से की जाये

दोस्ती जब किसी से की जाये तो दुश्मनों की भी राय ली जाये; मौत का ज़हर है फिज़ाओं में अब कहाँ जा कर सांस ली जाये; बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ कि ये नदी कैसे पार की जाये;…

इश्क़ दर्द है

सबने कहा इश्क़ दर्द है; हमने कहा यह दर्द भी क़बूल है; सबने कहा इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे; हमने कहा इस दर्द के साथ मरना भी क़बूल है।

दोस्त बनकर भी नहीं…

दोस्त बनकर भी नहीं साथ निभाने वाला; वो ही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला; क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे उससे; वो जो इक शख़्स है मुँह फेर के जाने वाला; क्या ख़बर थी जो मेरी जाँ में घुला…

ऐ चाँद तू किस मजहब का है !! ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा!

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर… क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। चाहता तो हु की ये दुनिया बदल दू पर दो…