Haan Piyaar Nahi, Ishq Nahi, Ibadat Ki Hai

Haan Piyaar Nahi, Ishq Nahi, Ibadat Ki Hai Mein Ne Rasmon Se Riwajon Se Baghawat Ki Hai   Apni Makhmoor Nigahon Main Basa Kar Mujh Ko Tu Ne Bhi Toot Ker Mujh Se Jo Mohabbat Ki Hai   Qabool Ker…

I am Women

मैं स्त्री हूँ।

मैं स्त्री हूँ…सहती हूँ… तभी तो तुम कर पाते हो गर्व,अपने पुरुष होने पर।। मैं झुकती हूँ…… तभी तो ऊँचा उठ पाता है तुम्हारे अहंकार का आकाश।। मैं सिसकती हूँ…… तभी तो तुम मुझ पर कर पाते हो खुल कर…

ना जाने कब खो जाऐं ये पल

ना जाने कब खो जाऐं ये पल

ना जाने कब खो जाऐं ये पल ना जाने कि कब बच्चे बड़े हो जाऐं मैं झिडकती ही रह जाऊँ और वो सब कुछ झिड़क कर घर से निकल जाऐं आज झिडकती हूँ कि रखो सारा सामान तरतीब से कल…

मूस्कराहट का कोई मोल नहीं होता

मूस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता. लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर, लेकिन हर कोई आप  की तरह  नहीं होता,

पुरुष का श्रृंगार

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयम प्रकृति ने किया है.. स्त्रीया कांच का टुकड़ा है.. जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती है.. किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं…

चाँद लाकर कोई नहीं देगा

खुद को इतना भी मत बचाया कर, बारिशें हो तो भीग जाया कर। चाँद लाकर कोई नहीं देगा, अपने चेहरे से जगमगाया कर। दर्द हीरा है, दर्द मोती है, दर्द आँखों से मत बहाया कर। काम ले कुछ हसीन होंठो…

भामती

एक बहुत सुंदर कहानी है। एक महान दार्शनिक था, विचारक, जिसका नाम था वाचस्पति। वह अपने अध्ययन में बहुत ज्यादा अंतर्गस्त था। एक दिन उसके पिता ने उससे कहा, ‘ अब मैं बूढ़ा हो चला और मैं नहीं जानता कि…