पीढियां खप गई पता लगाते लगाते कि दुनिया किस मिट्टी की बनी है।

पीढियां खप गई पता लगाते लगाते कि दुनिया किस मिट्टी की बनी है। . . . और एक समाज सेविका ने एक मिनट मे बता दिया।। .     ये दुनिया पीतल की……

जाने कभी गुलाब लगती हे, जाने कभी शबाब लगती हे

जाने कभी गुलाब लगती हे जाने कभी शबाब लगती हे तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हे में पिए रहु या न पिए रहु, लड़खड़ाकर ही चलता हु क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हे

A Discussion Between Body And Soul

:-सुबह के 4 बजे:- “आत्मा” — चलो उठो साधना का समय हो गया है ! उठो ना ! उठो ना ! उठो ना ! “शरीर” — सोने दो न ! क्यों तंग कर रही हो ? 😧😧😧 पता नहीं क्या…

आज से हम पति-पत्नी हैं !

सुहाग रात के दिन पति दरवाज़ा बंद करके अपनी पत्नी के करीब गया ।उसका घूंघट उठाकर बोला-‘आज से हम पति-पत्नी हैं ! घर के सभी बड़े-बुजुर्गों को सम्मान देना, उनका आशीर्वाद पाना; छोटों को प्यार देना सभी के साथ अच्छा…

वियाग्रा मिलेगी?

💞💊💉💊गुप्ता जी मेडिकल दुकान पर वियाग्रा खरीदने गये…………. पर वो दिखावा करते हैं कि वो अपने लिए नही ले रहे…. ” वियाग्रा मिलेगी………?   दरअसल मुझे किसी को देनी हे”…….. दुकानदार : कमाल हे गुप्ता जी…. लोग वियाग्रा खाकर किसी…