ये कोई कभी भी नही सोचता

कौन से “कपड़े” पहनूं…

“कौन से “कपड़े” पहनूं….जिससे मै अच्छा लगूँ!

– ये तो हम हर रोज सोचते हैं!

“पर कौन सा “कर्म” करुँ…जिससे मै भगवान को अच्छा लगूँ!

– ये कोई कभी भी नही सोचता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *